बुधवार, 22 सितंबर 2021
ईष्ट के चुनाव का दूसरा उपाय है।
ईष्ट के चुनाव का दूसरा उपाय है।,योग्य गुरु से गुरु दीक्षा लेना और देवी -देवता या मंत्र का चुनाव उनके निर्देश के अनुसार करना ईष्ट के चुनाव का तीसरा और सर्वोत्कृष्ट उपाय है तंत्र का माध्यम ,,इसमें आप अँधेरे में बैठ जाए ,नाक की नोक पर भाव दृष्टि एकाग्र करते हुए अंगूठे को भृकुटी के मध्य आज्ञाचक्र पर तीन मिनट तक आँखे बंद करके रखे ,,दिमाग -मन बिलकुल शांत रखे ,तीन मिनट बाद वहा मानस पटल पर अंदर अँधेरा है ,कोई प्रकाश नहीं है ,कोई बिंदु प्रकाश नहीं है ,तो शिव जी या उनके चन्द्रमा की पूजा करे ,,अँधेरे का मतलब आपमें काली और भैरव के गुण बढे है और आपको शिव या उनके चन्द्रमा की आवश्यकता है ,यदि अन्य रंग का प्रकाश है ,तो उस प्रकाश के विपरीत देवी-देवता का चुनाव करे ,,यह प्रकाश या रंग यह व्यक्त करता है की सम्बंधित रंग या प्रकाश के ग्रह या देवी-देवता का गुण आपमें पहले से बढ़ है ,इसके विपरीत की आपको आवश्यकता है
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