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मंगलवार, 7 सितंबर 2021

शुक्रवार को श्रीसूक्त अथवा श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ होता है

जिस घर में नियमित रूप से अथवा प्रत्येक शुक्रवार को श्रीसूक्त अथवा श्री लक्ष्मी सूक्त का पाठ होता है। वहां माँ लक्ष्मी का स्थाई वास होता है|
पर्त्येक सप्ताह घर में फर्श पर पोचा लगते समय थोडा सा समुंदरी नमक मिला लिया करें ऐसा करने से घर में होने वाले झगरे कम होते हैं|इसके अतिरिक्त यह भी लाभ मिलता है आपको नहीं मालूम की आपके घर में आने वाला अतिथि n कहाँ से आया है,तथा उसके मन में आपके प्रति क्या विचार है,नमक मिले पानी से पोचा लगाने से सारी नकारात्मक उर्जा समाप्त हो जाती है|
प्रात: उठ कर गृह लक्ष्मी यदि मुख्य द्वार पर एक गिलास अथवा लोटा जल डाले तो माँ लक्ष्मी के आने का मार्ग प्रशस्त होता है|
यदि आप चाहतें हैंकि घर में सुख शांति बनी रहे तथा आप आर्थिक रूप से समर्थ रहें तो प्रत्येक अमावस्या को अपने घर की पूर्ण सफाई करवा दें|जितना भी फ़ालतू सामान इकठा हुआ हो उसे क्बारी को बेच दें अथवा बाहर फेंक दें ,सफाई के बाद पांच अगरबती घर के मंदिर में लगायें|
यदि आप प्रत्येक पूर्णिमा हवन कर सकें तो बहुत ही शुभ है |इसके लिए यदि आपको कोई मन्त्र नहीं आता है तो सिर्फ इतना करें की किसी कंडे(गोहा)अथवा उपले पर अग्नि प्रजव्लित कर ॐ के उच्चारण से १०८ आहुति दें|यह आपकी धार्मिक भावना को जताता है|
महीने में दो बार किसी भी दिन उपले पर थोड़ी सी लोबान रख कर उसके धुएं को पूरे घर में घुमाएं|
यदि आप के पूजा काल में कोई मेहमान आता है तो यह बहुत शुभ है,इस समय उस मेहमान को जल पान अवश्य करवाएं|यदि संध्या काल की पूजा में कोई सुहागिन स्त्री आती है तो आपका बहुत ही सोभाग्य है|आप यह समझें की आपके घर माँ लक्ष्मी का परवेश हो चूका है|
आप जब भी घर वापिस आयें तो कभी खली हाथ न आयें|यदि आप बाज़ार से कुछ लेने की स्थिति में नही हैं तो रास्ते से एक कागज़ का टुकड़ा उठा लायें |
आपकी साधना अर्थात पूजा काल में कोई बच्चा रोता है तो यह आपके लिए शुभ नही है|इसके लिए आप ज्ञानी व्यक्ति से संपर्क कर पता लगायें की क्या वजह है|इसका सामान्य कारन यह हो सकता है की आपके घर में कोई नकारात्मक शक्ति अवश्य है|
आप के निवास में अग्नेकोण(पूर्व वह दक्षिण का होना)में यदि गलती से कोई पानी की वयवस्था हो गयी है तो यह वास्तु शास्त्र के अनुसार बहुत बड़ा दोष है|इसके लिए आप उस स्थान पर चोबीस घंटे एक लाल बल्ब जलता रहने दें|शाम को उस स्थान पर एक दीपक अवश्य रखें|
घर में कभी नमक किसी खुले डीबे में न रखें|
घर के जितने भी दरवाजे हों उनमें समय समय पर तेल अवश्य डालते रहना चाहिए|उनमें से किसी भी प्रकार की आवाज़ नही आनी चाहिए|
घर में अगर किसी दिन कोई बच्चा सुबह उठते ही कुछ खाने को मांगे अथवा बिना कारन के रोने लगे तो उस दिन घर प्रत्येक सदस्य को सावधान रहने की आवश्यकता है,क्यूंकि यह बात कुछ असुविधा को जताती है|
कभी भी किसी को दान दें तो उसे घर की देहली में अन्दर न आने दें,दान घर की देहली के अन्दर से ही करें|
यदि नियमित रूप से घर की प्रथम रोटी गाय को तथा अंतिम रोटी कुते को दें तो आपके भाग्य के द्वार खोलने से कोई नही रोक सकता|
आप अपने निवास में कुछ कच्चा स्थान अवश्य रखें|यदि संभव हो तो यह घर के मध्य स्थान में रखें|यदि यहाँ तुलसी का पौधा लगा है तो फिर आपके कार्यों में कोई भी रूकावट नही आ सकती|
आप यदि अपने व्यस्त जीवन में गुरूवार को केले के वृक्ष पर सदा जल अर्पित कर घी का दीपक तथा शनिवार को पीपल के वृक्ष में गुड,दूध मिर्षित जल वह सरसों के तेल का दीपक अर्पित करें तो कभी भी आर्थिक रूप से परेशान नही होंगे|
आर्थिक सम्पनता के लिए आप नियम बना लें की नित्य ही किसी भी पीपल के दरखत में जल अवश्य दें|

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