मंगलवार, 16 अप्रैल 2019
हनुमान चालीसा का चमत्कार... मेरे पास कई लोग आते हें और कहते हें की में दिन में ७ हनुमान चालीसा का पाठ करता हू, कई लोग कहते हें में हर शनिवार और मंगलवार को २७ या १०८ बार हनुमान चालीसा करता हू परन्तु उसका पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता.? तो मेने उनसे पूछा की आप किस प्रकार हनुमान चालीसा करते हें.? तो उन्होंने बताया की बस हम सिर्फ हनुमानजी के आगे दिया और धुप जला कर बैठ जाते हें और ज्यादा से ज्यादा आक के फूलो की माला चढाते हें और बाद में निश्चित संख्या में हनुमान चालीसा करते हें... फिर मेने उन लोगो से कहा आपने शायद रामायण या सुन्दरकाण्ड में पढ़ा होगा की हनुमानजी बचपन में बहुत शरारत करते थे तो ऋषि मुनियो ने उन्हें श्राप दिया था की जब तक आपको आपकी शक्तिओ को कोई (जागृत ) याद नहीं करवाएगा तब तक आप अपनी शक्ति का उपयोग नहीं कर पाएंगे – यही वजह से जब समुद्र को लांग कर श्री राम जी की मुद्रिका ले कर माँ सीता के पास जाना था तब ... कोन जायेगा ये सवाल था! तब श्री जामवंत जी ( रींछ पति ) ने श्री हनुमानजी की स्तुति कर उन्हें अपनी शक्तिया राम काज के लिए याद करवाई थी – ठीक उसी प्रकार हमें हमारे काज के लिए श्री हनुमाजी को स्तुति कर प्रसन्न कर उनकी शक्तिया याद करवानी चाहिए.! तब जाके वो आपकी पूजा अवश्य स्वीकार करेंगे. तो आपको भी हनुमान चालीसा करने से या हनुमानजी का कोई भी पूजन करने से पहले निन्म मंत्र स्तुति में दे रहा हू वो आपको कम से कम २७ बार अवश्य करना हें – देखे फिर चमत्कारिक फल की प्राप्ति अवश्य होगी... ( ध्यान रहे गलत कर्मो के लिए हनुमानजी किसी को सहाय नहीं करते) हरी ओम तत्सत ... स्तुति मन्त्र : कहइ रीछपति सुनु हनुमाना, काचुप साधी रहेहु बलवाना! पवन तनय बल पवन समाना, बुद्धि बिबेक बिज्ञान निधाना!! कवन सो काज कठिन जग माहि, जो नहीं होय तात तुम पाहि! साझा करें...!
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
Shri Ram Jyotish Sadan – Best Astrologer in Muzaffarnagar | Pandit Ashu Bahuguna
Shri Ram Jyotish Sadan – Astrologer in Muzaffarnagar श्री राम ज्योतिष सदन, मुजफ्फरनगर में Pandit Ashu Bahuguna द्वारा वैदिक ज्योतिष...
-
इंसान जीवन मे ने जाने कितने अक्षम्य अपराध करता हैं। साथ ही जीवन को व्यतीत करते हुए ने जाने वो कितनी समस्याओं से गिरा रहता हैं । समस्या का को...
-
ॐ श्री काल भैरव बटुक भैरव शाबर स्तोत्र मंत्र ॐ अस्य श्री बटुक भैरव शाबर स्तोत्र मन्त्रस्य सप्त ऋषिः ऋषयः , मातृका छंदः , श्री बटुक भैरव ...
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें