मंगलवार, 16 अप्रैल 2019
किस ग्रह के लिए कौन सा रत्न धारण करना चाहिए सूर्य का रत्न माणिक्य है जिसे अंग्रेजी में इसे रूबी कहते हैं। चंद्र का रत्न मोती अर्थात पर्ल, मंगल का मूंगा अर्थात कोरल, बुध का पन्ना अर्थात ऐमरल्ड, बृहस्पति का पुखराज अर्थात येलो सैफायर, शुक्र का हीरा अर्थात डायमंड, शनि का नीलम अर्थात ब्लू सैफायर, राहु का गोमेद, केतु का लहसुनिया अर्थात कैट्सआई। किस रत्न को किस रत्न के साथ धारण करें शत्रु ग्रह का रत्न धारण नहीं करना चाहिए जैसे :- मूंगे के साथ नीलम, पन्ना या हीरा धारण नहीं करना चाहिए।हीरे के साथ पुखराज, मूंगा या मोती, पन्ने के साथ मूंगा, पुखराज, माणिक्य या मोती, मोती के साथ पन्ना, हीरा, माणिक्य या नीलम, और नीलम के साथ मोती, पुखराज माणिक्य, मूंगा धारण नहीं करें। इसी तरह गोमेद के साथ माण् िाक्य या मूंगा और लहसुनिया के साथ माणिक्य, मोती या नीलम धारण नहीं करना चाहिए। 5……संचित कर्म, प्रारब्धल कर्म तथा क्रियमाण कर्म ये कर्म के तीन प्रकार हैं. पूर्व जन्म़ में किये गये कर्म संचित कर्म कहे जाते हैं. पूर्व जन्मय के कर्मों में जिन कर्मों का फल इस जन्म. में भोगना पड़ता है वे प्रारब्ध कर्म कहे जाते हैं. व्याक्तिर द्वारा वर्तमान जीवन में किया जा रहा कर्म क्रियमाण कर्म कहलाता है.
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