मंगलवार, 16 अप्रैल 2019
महावीर मंत्र ध्यान रामेष्टमित्रं जगदेकवीरं प्लवंगराजेन्द्रकृत प्रणामम् । सुमेरु श्टंगागमचिन्तयामाद्यं हृदि स्मेरहं हनुमंतमीड्यम् ।। हनुमान जी का उक्त ध्यान करके निम्न मंत्र का २२ हजार जप करके केले और आम के फलों से हवन करें । हवन करके २२ ब्रह्मचारियों को भोजन करा दें । इससे भगवान् महावीर प्रसन्नता-पूर्वक सिद्धि देते हैं । ” ॐ ह्रौं हस्फ्रें ख्फ्रें हस्त्रौं हस्ख्फें हसौं हनुमते नमः ।” हनुमन्मन्त्र (उदररोग नाशक मंत्र) “ॐ यो यो हनुमंत फलफलित धग्धगित आयुराषः परुडाह ।” उक्त मन्त्र को प्रतिदिन ११ बार पढ़ने से सब तरह के पेट के रोग शांत हो जाते हैं । हनुमान्माला मन्त्र श्री हनुमान जी के सम्मुख इस मंत्र के ५१ पाठ करें और भोजपत्र पर इस मंत्र को लिखकर पास में रखलें तो सर्व कार्यों में सिद्धि मिलती है । “ॐ वज्र-काय वज्र-तुण्ड कपिल-पिंगल ऊर्ध्व-केश महावीर सु-रक्त-मुख तडिज्जिह्व महा-रौद्र दंष्ट्रोत्कट कह-कह करालिने महा-दृढ़-प्रहारिन लंकेश्वर-वधाय महा-सेतु-बंध-महा-शैल-प्रवाह-गगने-चर एह्येहिं भगवन्महा-बल-पराक्रम भैरवाज्ञापय एह्येहि महारौद्र दीर्घ-पुच्छेन वेष्टय वैरिणं भंजय भंजय हुँ फट् ।।” (१२५ अक्षर)
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