शनिवार, 11 सितंबर 2021

लघु श्रीगणेश पूजन

लघु श्रीगणेश पूजन
यह एक छोटा गणेश भगवान का पूजन है जिसे आप लगभग 10 मिनट मे सम्पन्न कर सकते हैं।

पहले गुरु स्मरण ,गणेश भैरव महालक्ष्मी स्मरण करे ।
ॐ गुं गुरुभ्यो नमः
ॐ श्री गणेशाय नमः

ॐ भ्रम भैरवाय  नमः 
ॐ श्री महालक्ष्म्यै नमः

अब आप 4 बार आचमन करे दाए हाथ में पानी लेकर पिए ।
गं आत्मतत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा
गं विद्यातत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा
गं शिव तत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा
गं सर्व तत्त्वं शोधयामि नमः स्वाहा

अब आप घंटा नाद करे और उसे पुष्प अक्षत अर्पण करे।
घंटा देवताभ्यो नमः

अब आप जिस आसन पर बैठे है उस पर पुष्प अक्षत अर्पण करे।
आसन देवताभ्यो नमः

अब आप दीपपूजन करे उन्हें प्रणाम करे और पुष्प अक्षत अर्पण करे
दीप देवताभ्यो नमः

अब आप कलश का पूजन करे ..उसमेगंध ,अक्षत ,पुष्प ,तुलसी,इत्र ,कपूर डाले ..उसे तिलक करे ।
कलश देवताभ्यो नमः

अब आप अपने आप को तिलक करे।

फिर संक्षिप्त गुरु पुजन करे
ॐ गुं गुरुभ्यो नम: ।
ॐ परम गुरुभ्यो नम: ।
ॐ पारमेष्ठी गुरुभ्यो नम: ।

उसके बाद गणपति का ध्यान करे।
वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ
निर्विघ्नं कुरु में देव सर्व कार्येशु सर्वदा

उनका आह्वान करें अर्थात बुलाएं 
श्री महागणपति आवाहयामि
मम पूजन स्थाने रिद्धि सिद्धि सहित शुभ लाभ सहित स्थापयामि नमः

उनका स्वागत करें , फूल आदि चढ़ाएं 
त्वां चरणे गन्धाक्षत पुष्पं समर्पयामि ।

पंचोपचार पूजन करें।

ॐ गं " लं" पृथ्वी तत्वात्मकं गंधं समर्पयामि । 
कुमकुम,चन्दन अष्टगंध चढ़ाएँ ।

ॐ गं " हं" आकाश तत्वात्मकं पुष्पम समर्पयामि । 
फूल चढ़ाएँ ।

ॐ गं " यं " वायु तत्वात्मकं धूपं समर्पयामि । 
धूप या अगरबत्ती दिखाएँ ।

ॐ गं " रं" अग्नी तत्वात्मकं दीपं समर्पयामि । 
दीपक दिखाएँ ।

ॐ गं " वं " जल तत्वात्मकं नैवेद्यं समर्पयामि । 
प्रसाद चढ़ाएँ ।

अब गणेशजी को अर्घ्य प्रदान करे, एक चम्मच जल चढ़ाएं ।
एकदंताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात।

 भगवान गणेश जी के 16 नाम से दूर्वा या पुष्प अक्षत या जल अर्पण करे।

1. ॐ गं सुमुखाय नम: । 
2. ॐ गं एकदंताय नमः।
3. ॐ गं कपिलाय नमः।
4. ॐ गं गजकर्णकाय नमः।
5. ॐ गं लंबोदराय नमः।
6. ॐ गं विकटाय नम: । 
7. ॐ गं विघ्नराजाय नमः।
8. ॐ गं गणाधिपाय नम: । 
9. ॐ गं धूम्रकेतवे नम : । 
10 . ॐ गं गणाध्यक्षाय नमः।
11. ॐ गं भालचंद्राय नमः।
12. ॐ गं गजाननाय नम: । 
13. ॐ गं वक्रतुंडाय नमः।
14. ॐ गं शूर्पकर्णाय नमः।
15. ॐ गं हेरंबाय नमः।
16. ॐ गं स्कंदपूर्वजाय नमः।

अब एक आचमनी जल लेकर पूजा स्थान पर छोड़े।
अनेन महागणपति षोडश नाम पूजनेन श्री भगवान महागणपति प्रीयन्तां न मम।

हाथ जोड़ कर भगवान गणेश जी से प्रार्थना करे।

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